प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना

प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना नरेंद्र मोदी जी की भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी एक बहुत ही महत्त्वाकांक्षी योजना है। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत भारत सरकार एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। योजना के शुरू होने के वक्त एलपीजी कनेक्शन केवल गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से सम्बंधित महिलाओं के नाम पर दिया जाना तय किया गया था लेकिन अब इस योजना के तहत सभी राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन दिया जाएगा।


             योजना के अंतर्गत भारत सरकार वर्ष 2020 तक देश में 10 करोड़ से अधिक BPL और गरीब परिवारों को मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराएगी। वर्तमान वित्तीय वर्ष (2018-19) तक देश भर में 6 करोड़ BPL (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं।

प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देशय.


उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है जो कि मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन वितरित करके पूरा किया जा सकता है। योजना के लागू करने का एक उद्देशय यह भी है कि इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं के स्वास्थ्य कि भी सुरक्षा कि जा सकती है।
वर्तमान में उपयोग में आने वाले अशुद्ध जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करना और शुद्ध ईंधन के उपयोग को बढाकर प्रदुषण में कमी लाना भी योजना के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है।
जो बीमारियाँ खाना बनाने के लिए उपयोग में आने वाले अशुद्ध जीवाश्म ईंधन के जलने से होती हैं, उज्ज्वला योजना के लागू होने के बाद उनमें भी कमी आने की सम्भावना है। इस प्रकार यह योजना महिलाओं और बच्चों को स्वस्थ रखने में भी सहायक सिद्ध होगी।
योजना का बजट
शुरुआत में भारत सरकार ने योजना के कार्यान्वयन के लिए कुल 8000 करोड़ रूपए का बजट बनाया था जो कि 3 साल के लिए था। लेकिन अब इस बजट को बढाकर 12800 करोड़ रूपये कर दिया गया है और 3 करोड़ नए लाभार्थी भी योजना के तहत शामिल कर लिए गए हैं।
योजना का वित्त पोषण अथवा योजना पर खर्च होने वाला पैसा LPG सब्सिडी में बचाए गए पैसे से होगा। भारत सरकार द्वारा जनवरी 2015 में शुरू किये गए “Give-it-Up” अभियान के अंतर्गत अब तक लगभग 1.13 करोड़ लोगों ने LPG सब्सिडी छोड़ दी है और वो लोग बाजार मूल्य पर LPG सिलिंडर खरीद रहे हैं। चलाये गए अभियान से अभी तक हज़ारों करोड़ रुपये कि बचत हो चुकी है जिसे उज्ज्वला योजना के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

योजना का कार्यान्वयन

योजना का कार्यान्वयन भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन किया जाएगा। इतिहास में पेट्रोलियम मंत्रालय की इस तरह की ये पहली योजना है जिससे करोड़ों गरीब परिवारों की महिलाओं को लाभ होगा। मूल स्तर पर योजना का कार्यान्वन तेल व्यापार कम्पनियों द्वारा किया जाएगा।
योजना वित्त वर्ष 2016-17 से लेकर 2019-20 तक 4 वर्ष के लिए चलायी जायेगी। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रह रहे परिवार जो की गरीबी रेखा से नीचे हैं उन्हें मुफ्त में LPG गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

उज्ज्वला योजना के लिए पात्रता

प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना के लिए इच्छुक लोगों का योजना के लिए पात्र होना अति आवश्यक है। जो भी आवेदक पात्र नहीं पाये गए उन्हें गैस कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। पात्रता के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं।
आवेदक द्वारा दी गयी सभी जानकारी को SECC – 2011 डेटा के साथ मिलाया जाएगा तथा उसके पश्चात ही यह निर्णय लिया जाएगा की आवेदक योजना का पात्र है या नहीं
      आवेदक की उम्र 18 साल या इससे अधिक होनी चाहिए
     आवेदक BPL परिवार से सम्बन्ध रखने वाली महिला ही होनी चाहिए, पुरुष इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते.
    आवेदक के घर में किसी के नाम से पहले से ही कोई भी LPG कनेक्शन नहीं होना चाहिए
    आवेदक के पास BPL प्रमाण पत्र अथवा BPL राशन कार्ड का होना आवश्यक है
    आवेदक द्वारा आवेदन फॉर्म में दी गयी सभी जानकारी ठीक होनी चाहिए
              योजना के लिए पात्र BPL परिवारों की सूची राज्य सरकार और केंद्र शाषित प्रदेशों की मदद से तैयार की जायेगी। तेल व्यापार कम्पनियां इस योजना के लिए आवेदन करने वाले सभी ग्रामीण आवेदकों की जानकारी को SECC-2011 के डेटाबेस के साथ मैच कराएंगी और उसके बाद ही गैस कनेक्शन उपलब्ध कराएंगी।

आप सभी पढ़ने वालों से निवेदन है की यदि आपका कोई भी सुझाव या विचार इस योजना के बारे में हो तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

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